इंग्लैंड और भारत के बीच खेली जा रही पांच टेस्ट मैचों
england vs india 4th test की रोमांचक श्रृंखला अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। चौथा टेस्ट मैच 23 जुलाई 2025 को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला गया, जिसका परिणाम पूरी सीरीज की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। फ़िलहाल इंग्लैंड सीरीज़ में 2-1 से आगे चल रहा था, जिससे भारत के लिए यह मुकाबला “करो या मरो” जैसा था, वहीं इंग्लैंड एक और जीत दर्ज कर ट्रॉफी अपने नाम करने की पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी थी।

इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने जीता और भारत को पहले बल्लेबाजी का मौका दिया। मैनचेस्टर का मैदान ऐतिहासिक रूप से भारत के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन टीम इंडिया के सामने अपने पुराने रिकॉर्ड को सुधारने की जबरदस्त चुनौती थी। सलामी बल्लेबाज के रूप में केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल क्रीज़ पर आए और दोनों ने सधी हुई शुरुआत की।
शुरुआती सत्र में भारत ने कोई विकेट नहीं गंवाया और दोनों सलामी बल्लेबाजों के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। पहली सेशन के बाद भारत बिना किसी नुकसान के 78 रन पर था। केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल ने मुश्किल परिस्थितियों में शानदार तकनीक दिखाई, गेंदबाजों को धैर्य से खेला और रन गति भी बनाए रखी।
test match 2025 इसके बाद के सत्र में इंग्लैंड की टीम को पहली सफलता क्रिस वोक्स ने दिलाई, जब केएल राहुल 46 रन बनाकर बोल्ड हो गए। पहला विकेट 94 रन के स्कोर पर गिरा। इसके बाद यशस्वी जायसवाल ने अच्छी पारी जारी रखी लेकिन लियाम डॉसन की गेंद पर 58 रन बनाकर आउट हो गए। अगले बल्लेबाज शुभमन गिल सिर्फ 12 रन बनाकर एलबीडब्ल्यू आउट हुए। भारत का तीसरा विकेट 140 रन पर गिरा और अचानक दबाव बढ़ गया।
तीन विकेट गिरने के बावजूद युवा साई सुदर्शन ने धैर्य और जिम्मेदारी से बल्लेबाजी करते हुए बेहतरीन अर्धशतक लगाया। पारी के दौरान उन्होंने संयम भी दिखाया और तेजी से रन बटोरे। इस दौरान ऋषभ पंत भी अच्छे टच में नजर आए लेकिन दुर्भाग्यवश वे चोटिल हो गए और रिटायर्ड हर्ट पवेलियन लौटे। यह भारत के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।
खेल के अंत तक भारत ने चार विकेट के नुकसान पर 264 रन बना लिए थे। क्रीज पर रवींद्र जडेजा और शार्दुल ठाकुर 19-19 रन बनाकर नाबाद रहे। इंग्लैंड के लिए कप्तान बेन स्टोक्स ने 2 विकेट लिए वहीं क्रिस वोक्स और डॉसन के नाम एक-एक विकेट गया। पहले दिन का खेल भारत के लिहाज से मिश्रित रहा—एक ओर जहाँ टॉप ऑर्डर में दोनों सलामी बल्लेबाजों ने ठोस नींव रखी; वहीं मिडिल ऑर्डर में तीन विकेट जल्दी गिरने से स्कोर थोड़ा दबाव में भी रहा।
मैनचेस्टर के मौसम की बात करें तो पहले दिन का खेल बिना बारिश के बाधा के सुचारु रूप से हुआ। परंपरागत रूप से यह ग्राउंड दोनों टीमों के गेंदबाजों के अनुकूल माना जाता है, खासकर इंग्लैंड के स्विंग और सीम गेंदबाजों के लिए। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छी तैयारी और तकनीक के साथ प्रतिकार किया, जिससे इंग्लिश गेंदबाजों को लगातार मेहनत करनी पड़ी।
पहले दिन की समाप्ति पर दोनों टीमों के बीच मुकाबला बराबरी का लग रहा था। भारत ने जहाँ रन बोर्ड पर लगाए वहीं इंग्लैंड ने भी समय-समय पर विकेट लेकर खेल को संतुलित रखा। अब दूसरे दिन भारत की कोशिश रहेगी कि निचला क्रम कुछ और रन जोड़े और स्कोर 350 के आसपास ले जाए ताकि गेंदबाजों को बचाव करने के लिए अच्छी पूंजी मिले।
बल्लेबाजों में यशस्वी जायसवाल के प्रदर्शन की सर्वाधिक प्रशंसा हुई, जिन्होंने बायें हाथ के स्पिनर डॉसन के सामने टिककर खेल दिखाया। साथ ही साई सुदर्शन का फोकस और संयम, मुश्किल वक्त में भारतीय पारी को संभालने में निर्णायक रहा। केएल राहुल ने भी शुरू में अपनी क्लास दिखाते हुए तेज गेंदबाजों को डिफेंस किया और रनिंग बिटवीन द विकेट काफी शानदार रही।
इंग्लैंड की गेंदबाजी में बेन स्टोक्स ने कप्तानी के साथ-साथ खुद गेंदबाजी में आकर महत्वपूर्ण विकेट निकाले, विशेष रूप से शुभमन गिल का। लियाम डॉसन ने यशस्वी को आउट करकर अपनी टीम को राहत दिलाई। वहीं, क्रिस वोक्स ने नई गेंद से बल्लेबाजों को बार-बार परेशान किया और राहुल को बोल्ड कर भारत को पहला झटका दिया।
ऋषभ पंत की चोट भारतीय फैंस के लिए चिंता का विषय रही। वे तेजी से रन बनाने में सक्षम रहे हैं और अगर उनकी चोट गंभीर हुई तो भारत को मिडिल ऑर्डर में एक बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है। हालांकि उनकी रिकवरी रिपोर्ट का सभी को इंतजार है।
इस मैच का महत्व केवल किसी एक जीतने-हारने के लिए नहीं, बल्कि दोनों टीमों के मानसिक और रणनीतिक स्तर पर भी है। इंग्लैंड ने जो आक्रामक कप्तानी दिखाई उसके तहत गेंदबाजों को आक्रमण करने का खुला आदेश और लगातार क्षेत्ररक्षण में बदलाव नजर आया। भारत ने भी धैर्य, तकनीक और स्थिति के अनुसार अपने शॉट्स खेले।
अब सीरीज का समीकरण भी काफी रोमांचक हो गया है। अगर भारत यह मैच जीतता है तो सीरीज 2-2 से बराबरी पर आ जाएगी और पांचवां टेस्ट फाइनल जैसा कांटे का साबित होगा। वहीं इंग्लैंड अगर जीत हासिल करता है तो सीरीज उसकी झोली में चली जाएगी। इन समीकरणों के साथ खिलाड़ियों पर दबाव अपनी चरम सीमा पर है।
कुल मिलाकर, दोनों ही टीमों ने पहले दिन अपनी रणनीति और कौशल के अनुसार प्रदर्शन किया। इंग्लैंड ने गेंदबाजी में रोटेशन और पॉइंट टू पॉइंट फील्डिंग के सहारे भारत को बाउंड्री से दूर रखने की कोशिश की, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों की सहनशीलता ने टीम इंडिया को अच्छे स्कोर की ओर पहुँचाया।
गौरतलब है कि इंग्लैंड के लिए अनुभवी जोफ्रा आर्चर, क्रिस वोक्स और स्पिनर डॉसन ने चुनौतीपूर्ण गेंदबाजी की, वहीं भारत के लिए सिराज, बुमराह, जडेजा, और अश्विन दूसरे दिन विकेट लेने के लक्ष्य के साथ तैयार होंगे।
निष्कर्षत
यह चौथा टेस्ट अभी पूरी तरह से खुला हुआ है, और दूसरे दिन के खेल में जो भी टीम मोर्चा मारती है, उसे सीरीज की टॉप दौड़ में बने रहने का सबसे मजबूत दावा मिलेगा। दोनों ओर दर्शकों की उम्मीदें और दबाव चरम पर हैं, और क्रिकेट प्रेमियों को अगले दिन के खेल की बेसब्री से प्रतीक्षा है।